Breaking News

MP में फिर से बजेगा BJP का डंका, होगी शिवराज की वापसी! कमलनाथ ने दिया इस्तीफा

मध्यप्रदेश में पिछले 17 दिनों से जारी सियासी बवाल का अंत अब मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफे से होने जा रहा है। जी हां… कुल मिलाकर हमारी इस खबर का सारंश यह है कि अब कांग्रेस के हाथ से एक और राज्य चला गया। कमलनाथ अपनी सरकार को नहीं बचा पाएं। बता दें कि कमलनाथ ने अब इस्तीफा दे दिया है, मगर इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर आरोप लगाए।

इस्तीफा देने से पहले उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस किया, जिसमें वे बीजेपी पर जमकर बरसे। उन्होंने बीजेपी पर कांग्रेस को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने तो यहां तक कहा कि सिंधिया और 22 विधयाको के साथ बीजेपी ने हमारी सरकार को गिराने की साजिश रची। बीजेपी को राज्य का विकास करने वाली सरकार पसंद नहीं आई। उन्होंने बीजेपी को चेताते हुए कहा कि वे याद रखे कि कल और परसो भी फिर आएगा, जब जनता के सामने सच्चाई खुलकर सामने आएगी। कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी ने 22 विधायकों को बंधक बनाया। इस काम के लिए उसने करोड़ों रूपए खर्च कर दिए। यह सब काम पूरा देश देख रहा है। इनकी सच्चाई थोड़े समय में सामने आ जाएगी।

इस दौरान कमलनाथ ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि हमारी तरफ से विधानसभा में तीन बार बहुमत साबित किया गया है, मगर बीजेपी लोकतांत्रिक मुल्यों को खत्म करने में लगी हुई है। जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। बीजेपी ने हमारी सरकार को गिराने के लिए साजिश रची है, मगर एक दिन यह सच्चाई सभी के सामने खुलकर सामने आएगी। इस मौके पर कमलनाथ ने अपनी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश की जनता के लिए काम किया है।

Loading...

क्या है पूरा माजरा 
यहां पर हम आपको बताते चले कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और वे बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके साथ ही कांग्रेस 22 अन्य विधायको ने भी इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से कांग्रेस की सरकार खतरे में आ गई और बीजेपी ने फिर उन से विधानसभा में बहुमत साबित करने की मांग कि मगर स्पीकर ने कोरोना का हवाला देते हुए 26 मार्च तक स्थगित कर दिया था।

इसके बाद  बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया और याचिका दाखिल की। जिसके बाद कोर्ट ने स्पीकर से इसके पीछे का वजह पूछा और फटकार भी लगाई। इसके बाद शाम को पांच बजे के बाद स्पीकर ने 16 विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। विधायकों के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद कमलनाथ सरकार अब अल्पमत में आ गई। वर्तमान में कमलनाथ के साप 99 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 104 चाहिए। मगर फ्लोर टेस्ट से पहले ही कमलनाथ ने इस्तीफे का एलान कर दिया है, जिससे उनकी सरकार का गिरना अब तय है।

Loading...
error: Content is protected !!
http://newsindialive.in/ Digital marketting agency/