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अब उत्तराखंड के छात्रों को घर बैठे मिलेगी अंकतालिका और डिग्री, शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान

देहरादून : उत्तराखंड के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि प्रदेशभर के छात्रों को अपनी डिग्री और अंकतालिका के लिए सैंकड़ों किलोमीटर दूर विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब ये प्रमाणपत्र उन्हें घर बैठे डाक से मिलेंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 20वें प्रांत अधिवेशन में बतौर मुख्यअतिथि शामिल हुए डा. धन सिंह रावत ने कहा कि 15 फरवरी से वह प्रदेश के कम से कम 25 कॉलेजों का भ्रमण करेंगे और छात्रों से राय लेंगे कि क्लास के दौरान यदि मोबाइल प्रतिबंधित किया जाय तो इसमें उनकी क्या राय है।

उन्होंने कहा कि यदि 51 फीसद छात्र इसके पक्ष में खड़े होते हैं, तभी इसे प्रदेश के कॉलेज एवं विवि में लागू किया जाएगा। अन्यथा कोई निर्णय थोपने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। धन सिंह रावत ने कहा कि विद्यार्थी परिषद 1952 से कॉलेजों में 180 दिन उपस्थिति की मांग कर रही थी, जिसे उत्तराखंड में शुरू किया गया है। राजपुर रोड स्थित जीआरडी इंस्टीट्यूट प्रांगण में शुरू हुए चार दिवसीय प्रांत अधिवेशन के पहले दिन बेहतरीन प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी मुख्य रूप से सत्र 2019-20 में अभाविप द्वारा पूरे प्रदेश में उठाए गए शैक्षणिक, सामाजिक व राष्ट्रीय मुद्दों पर आधारित है। इसके अलावा प्रदर्शनी में उत्तराखंड की संस्कृति, परम्परा व तीर्थ स्थल की चित्रकारी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हैं। जिसमें एमकेपी व डीएवी पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों का सहयोग रहा।

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देहरादून के महापौर सुनील उनियाल गामा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए युवाओं को नशा मुक्त रहने का संदेश दिया। प्रदर्शनी प्रमुख अभाविप की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ममता सिंह ने कहा कि प्रदर्शनी चार दिन तक चलने वाले प्रांत अधिवेशन के दौरान खुली रहेगी। इस अवसर पर अभाविप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज नीखरा, प्रांत संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत, स्वागत समिति सदस्य सिद्धार्थ अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कौशल कुमार, प्रदेश मंत्री रोहित ओझा, व्यवस्था प्रमुख संकेत नौटियाल आदि मौजूद रहे। प्रदर्शनी का नाम पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड को मार गिराने वाली सैन्य टुकड़ी को लीड करने वाले दून के शहीद मेजर विभूति ढौंडियाल के नाम पर रखा गया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक युद्धवीर ने किया।

उन्होंने पलायन रोकने का मंत्र देते हुए कहा कि शिक्षा स्वरोजगार परक होनी चाहिए, ताकि पहाड़ में ही रोजगार उपलब्ध हो सके। इससे पलायन की समस्या काफी हद तक सुलझ सकती है। प्रांत अधिवेशन के विशिष्ट अतिथि श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी ने कहा कि अभाविप का कार्य नकारात्मक सोच को राष्ट्र निर्माण के लिए सकारात्मक सोच में बदलना है। उत्तराखंड तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. नरेंद्र एस चौधरी ने अभाविप को शिक्षा में भारतीयता लाने के लिए काम करने का सुझाव दिया। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अधिवेशन का इस बात को लेकर विरोध किया कि जिस संस्थान में यह अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है उसी प्रबंधन के एक अन्य स्कूल में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म जैसा कृत्य को अंजाम दिया गया था। दोषी छात्र व स्कूल प्रबंधन को सजा भी मिल गई है। ऐसे जगह आयोजन का एनएसयूआइ विरोध करती है। उन्होंने डीएवी पीजी कॉलेज गेट पर अभाविप व संस्थान प्रबंधन का पुतला भी फूंका। पुतला फूंकने वालों में एनएसयूआइ के कैंपस अध्यक्ष आदित्य बिष्ट, अक्षित रावत, शशांक जोशी आदि शामिल थे।

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