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यहाँ घोटुल नाम की प्रथा को अपनाकर शादी से पहले लड़कियों को झेलनी पड़ती है ये पीड़ा

छत्तीसगढ़। बस्तर के पास एक ऐसी जनजाति पाई जाती है जो शादी से पहले सुहागरात मनाने की अनुमति देती है। आपको सुनकर थोड़ा अजीब जरूर लगा होगा, लेकिन यह बात एकदम सही है।

इस प्रथा को मानने वाली जनजाति शादी से पहले सुहागरात को पवित्र और शिक्षाप्रद प्रथा मानती है। इस जनजाति का नाम है गोंड जो छत्तीसगढ़ से लेकर झारखंड तक के जंगलों में रहती है और शादी से पहले यह लोग ‘घोटुल’ नाम की प्रथा का पालन करते हैं।

यह लोग सालों से इस प्रथा का पालन करते आ रहे हैं। इस प्रथा में लड़की के परिवार वालों को किसी प्रकार की आपती नहीं है।

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