Breaking News

पंचायत चुनाव : सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है सरकार, लेकिन ये मुश्किलें आएंगी सामने

देहरादून: उत्तराखंड के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर नैनीताल हाई कोर्ट के फैसले के बाद जहां कांग्रेस खुश नजर आ रही है तो वहीं सूत्रों की मानें तो सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है. हालांकि, राज्य सरकार अगर हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करती है तो ऐसे में कई समीकरण निकलकर सामने रहे है, जिसका असर सीधे तौर चुनावों पर पड़ सकता है. क्योंकि 20 सितंबर से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है. ऐसे में सरकार के पास बहुत कम समय बचा है.

देश के पंचायत राज संशोधित नियमावली पर नैनीताल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है. पंचायत राज संशोधन नियमावली के खिलाफ दायर की गयी याचिका पर नैनीताल हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. जिसके अनुसार 25 जुलाई 2019 से पहले जिन उम्मीदवारों के दो से अधिक बच्चे हैं, वह उम्मीदवार भी पंचायत चुनाव लड़ पाएंगे. वहीं अब राज्य सरकार हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ, सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है.

जारी हो चुकी है अधिसूचना
पंचायत चुनाव के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने 13 सितंबर को अधिसूचना जारी कर चुनाव की तिथियों का एलान कर दिया था. जिसके अनुसार प्रदेश भर में तीन चरणों में चुनाव कराए जाने हैं. यही नहीं राज्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार ही चुनाव संपन्न कराए जाएंगे. इसके साथ ही हाई कोर्ट के फैसले से चुनाव की तिथियों को बदला नहीं जाएगा. ऐसे में 20 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है. लिहाजा राज्य सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए बेहद कम समय बचा है.

Loading...

30 नवंबर तक चुनाव कराने की बाध्यता
15 जुलाई 2019 को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यूं तो शासन ने 6 महीने के लिए प्रशासक बैठा दिए थे, लेकिन वहीं चुनाव में हो रही देरी के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को फटकार लगाते हुए 30 नवंबर 2019 तक हर हाल में पंचायत चुनाव सम्पन्न कराने के आदेश दिए थे. अब ऐसे में अगर राज्य सरकार हाई कोर्ट के इस फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाती है तो कहीं न कहीं हाई कोर्ट के 30 नवंबर तक चुनाव संपन्न कराने का फैसला भी आड़े आ सकता है.

प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट
शुक्रवार यानी 20 सितंबर से शुरू हो रही नामांकन प्रक्रिया को देखते हुए प्रदेश की मुख्य पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने समर्थित दावेदारों की सूची लगभग फाइनल कर ली है. हालांकि, बीजेपी ने गुरुवार देर रात को जिला पंचायत के लिए समर्थित दावेदारों की सूची जारी कर दी है. वहीं, कांग्रेस ने भी समर्थित प्रत्याशियों की लिस्ट लगभग फाइनल कर ली है, जो कभी भी जारी हो सकती है. ऐसे में अगर राज्य सरकार अगर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाती है तो चुनाव में खड़े होने वाले इच्छुक उम्मीदवारों के बीच घमासान होना लाजमी है.

Loading...
Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!