Breaking News

यहां दो दिन गायब हो जाता है भगवान शिव का मंदिर, जानें क्यों है ऐसा

भारत भूमि चमत्कारों की भूमि है यहां के कण-कण में ईश्वर के लिए सच्ची आस्था और श्रद्धा बसती है शायद ये ही कारण है कि ईश्वर के चमत्कार के किस्से यहां जगह-जगह दिखाई देते हैं।

Image result for गुजरात के वडोदरा में स्थित स्तंभेश्वर मंदिर

आज हम आपको भगवान शिव के ऐसे ही चमत्कारी मंदिर की यात्रा पर लेकर जा रहे हैं जिसकी स्थापना के बारे में मान्यता है कि वो उनके पुत्र कार्तिकेय ने की थी  हम बात कर रहे है गुजरात के वडोदरा में स्थित स्तंभेश्वर मंदिर की, ये मंदिर गुजरात के वडोदरा में स्थित है

Image result for भगवान शिव

इस मंदिर के बारे में खास बात ये है कि ये मंदिर दिन में दो बार सुबह को और शाम को आंखों से ओझल हो जाता है इस मंदिर की खोज 150 साल पहले हुई थी यहां पर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो इसके लिए पर्चें भी बांटे जाते हैं जिसमें ज्वार भाटे के आने का समय लिखा होता है  इस मंदिर में स्थित शिवलिंग 4 फुट ऊंचा और 2 फुट के व्यास का है वरदान मिलते ही ताड़कासुर ने हाहाकार मचाना शुरू कर दिया।

Loading...

Image result for गुजरात के वडोदरा में स्थित स्तंभेश्वर मंदिर

देवताओं और ऋषि,मुनियों को आतंकित कर दिया अंततरू देवता महादेव की शरण में पहुंचे। शिव शक्ति से श्वेत पर्वत के कुंड में उत्पन्न हुए शिव पुत्र कार्तिकेय के 6 मस्तिष्क, चार आंख, बारह हाथ थे। कार्तिकेय ने ही मात्र 6 दिन की आयु में ताड़कासुर का वध किया।

Image result for गुजरात के वडोदरा में स्थित स्तंभेश्वर मंदिर

जब कार्तिकेय को पता चला कि ताड़कासुर भगवान शिव का भक्त था तो वो काफी दुखी हुई। ऐसे में विष्णु भगवान ने उनसे वध वाले स्थान पर शिवालय बनाने के लिए कहा तब भगवान कार्तिकेय ने इस मंदिर की स्थापना की।

Loading...
Loading...
error: Content is protected !!