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गोरखपुर से लगातार पांच बार बीजेपी के सांसद रह चुके हैं सीएम योगी को पीएम मोदी ने दी जन्मदिन की बधाई

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उत्तर प्रदेश के सीएम और गोरखपुर के गोरखनाथ मठ के महंत और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज 47 वां जन्मदिन है. योगी मूल रूप से उत्तराखंड के राजपूत परिवार में जन्मे आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह हैं और गोरखपुर से लगातार पांच बार बीजेपी के सांसद रहे हैं. पहली बार उन्होंने 1998 में लोकसभा का चुनाव जीता था तब उनकी उम्र 26 साल थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके जन्मदिन के मौके पर ट्वीट करके बधाई दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, ‘ उत्तर प्रदेश के गतिशील मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ जी को उनके जन्मदिन पर बधाई. योगी जी ने उत्तर प्रदेश को बदलने में सराहनीय काम किया है, विशेषकर कृषि, उद्योग जैसे क्षेत्रों में और साथ ही कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाया है. मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं.

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गृहमंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर दी सीएम को जन्मदिन की बधाई

उत्तराखंड से संबंध रखते हैं योगी

5 जून 1972, उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश था) के पौड़ी जिला स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचूर गांव के राजपूत परिवार में योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ था. 1977 में टिहरी के गजा के स्थानीय स्कूल में पढ़ाई शुरू की. स्कूल और कॉलेज सर्टिफिकेट में इनका नाम अजय मोहन बिष्ट है. टिहरी के गजा स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की. इसके बाद 1989 में ऋषिकेश के भरत मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की.

वहीं, 1990 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हुए एबीवीपी से जुड़े. जबकि 1992 में कोटद्वार के गढ़वाल यूनिवर्सिटी से गणित में बीएससी की परीक्षा पास की. योगी आदित्यनाथ 1993 में एमएससी की पढ़ाई के दौरान गुरु गोरखनाथ पर रिसर्च करने गोरखपुर आए.

यहां गोरक्षनाथ पीठ के महंत अवैद्यनाथ की नजर उन पर पड़ी. इसके बाद योगी आदित्यनाथ 1994 में सांसारिक मोहमाया त्यागकर पूर्ण संन्यासी बन गए और फिर अजय मोहन बिष्ट का नाम योगी आदित्यानाथ हो गया.

योगी आदित्यानाथ का राजनीतिक जीवन

योगी आदित्यनाथ ने 1998 में सबसे पहले गोरखपुर से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. तब उनकी उम्र महज 26 साल थी. इसके बाद योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से दोबारा सांसद चुने गए. योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2002 में हिंदू युवा वाहिनी बनाई.

हिंदू वाहिनी बनने के बाद 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्‍होंने तीसरी बार चुनाव में जीत दर्ज की. 7 सितंबर 2008 में सांसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हमला हुआ था. इस हमले में वे बाल-बाल बचे थे. इसके बाद 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में वह 2 लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर लोकसभा पहुंचे.

जबकि 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी के नेतृत्व में योगी आदित्यनाथ ने पांचवी बार गोरखपुर से चुनाव लड़ा और एक बार फिर से दो लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर सांसद चुने गए. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला था. इसके बाद 2015 में यूपी की 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए. इसमें योगी आदित्यनाथ से पार्टी ने काफी प्रचार कराया, लेकिन परिणाम कुछ खास नहीं रहा.

2017 में विधानसभा चुनाव में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और पूरे राज्य में प्रचार कराया. जिसके परिणामस्वरूप बीजेपी ने यूपी में प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की. 19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुनकर मुख्यमंत्री बना दिया गया. 20 मार्च 2017 को उन्‍होंने देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. जबकि इसके बाद से वह भारतीय जनता पार्टी के स्‍टार प्रचारकों में शामिल हो गए हैं.

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