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अमीनाबाद में छाई रौनक, खरीदारी हुई तेज, इतने सस्ते में मिल रहे मोबाइल व कपड़े

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लखनऊ। मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े पर्व ईद की घड़ी नजदीक आते ही राजधानी के बाजारों में रौनक आ गई है। लखनऊ के सबसे बड़े बाजार अमीनाबाद में छोटी से लेकर बड़ी चीजों की खरीदारी करने वालों की तादाद बढ़ गई है। भीड़ बढ़ने से अमीनाबाद से नजीराबाद तक दुकानदारों में भी उत्साह का माहौल है।

इस बार ईद के पहले कपड़ों, आभूषणों, नकली आभूषणों, जूते-चप्पल और घरेलू सामान का बाजार गरम है। अमीनाबाद में सुबह दस बजे से ही खरीदारी करने वाले लोगों की भीड़ हो रही है। बताया जाता है कि सुबह से देर शाम तक बाजार में करीब एक लाख लोग रोजाना खरीदारी कर रहें है। इस गिनती में दिनों-दिन इजाफा ही हो रहा है। बाजार के दुकानदारों के हिसाब से कारोबार में दोगुना इजाफा हुआ है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

लखनऊ में ईद चार या पांच जून को मनाये जाने की संभावना है। ईदगाह से चांद दिखाई देने के ऐलान के साथ ही ईद की तारीख तय होगी। वहीं ईद को लेकर बाजार में सामानों के दाम में बढ़ोतरी न होने से खरीदारों में खुशी का माहौल है। पिछले साल 200 रुपये के मिलने वाली कमीज की कीमत इस वर्ष भी उतनी ही है, तो जूते-चप्पल की कीमत में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकानों पर भी भीड़ है। इनकी कीमत उतनी ही है जितनी पिछले साल थी। हालांकि सोने के दाम बढ़ने के कारण असली आभूषणों की कीमतों में वृद्धि हुई है।

 

 

 

 

 

अमीनाबाद के गड़बड़झाला बाजार के कारोबारी आमिर बताते हैं कि बाजार में फिलहाल अभी सामानों के रेट सामान्य हैं। यह बाजार आर्टिफिशियल ज्वेलरी का सबसे बड़ा बाजार है। यह बाजार प्रदेश के पांच बड़े बाजारों में गिना जाता है। यहां से बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में नकली आभूषणों को भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि बाजार में झुमका, नथनी, कंगन, चूड़ियां, गलाहार के रेट में कोई बदलाव नहीं है जो भी खरीदार इस बाजार में आते हैं, उनको मालूम है कि यहां का रेट​ पिछली ईद की तरह ही है। पूरे सेट के रेट में दो सौ से पांच सौ रुपये की मामूली सी वृद्धि हुई है, लेकिन यह बीते एक वर्ष की महंगाई को देखते हुए हुआ है।

नजीराबाद बाजार के चिकन के कपड़ों के कारोबारी सुरेश छबलानी बताते हैं कि चिकन के कपड़ों की ईद के समय खूब खरीदारी होती है। चिकन के कुर्ते, साड़ियां लोगों की पसंद होते हैं। इस समय धूप कहर ढा रही है, तो शाम के समय ही बाजार में भीड़ बढ़ती है। वैसे शोरूम से ज्यादा कपड़ा सड़क पर बिक जाता है। अमीनाबाद और नजीराबाद को तो सस्ते बाजार के रूप में जाना जाता है। फिर शोरुम का कपड़ा तो बड़े लोग ही खरीदना पसंद करते हैं।

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