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500 में से 499 अंक प्राप्त करने वाली सीबीएसई टॉपर ने बताया अपना सीक्रेट..!

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मेहनत तो बहुत से लोग करते हैं मगर नंबर 1 केवल एक ही व्यक्ति आता हैं। ऐसे में कुछ लोगो के दिमाग में ये चलता रहता हैं कि आखिर वो अपनी पढ़ाई लिखाई में कौन सी रणनीति अपनाए कि वे टॉप कर जाए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको सीबीएसई 2019 की टॉपर लड़की का सीक्रेट बताने जा रहे हैं।

दो लड़कियों ने एक साथ किया टॉप

गौरतलब हैं कि गुरुवार को सीबीएसई के द्वारा 12वी कक्षा के नतीजे घोषित हुए हैं। इस बार टॉप लिस्ट में अहम रूप से लड़कियों ने बाजी मारी हैं। इसमें दो लड़कियों ने 500 में से 499 अंक लाकर संयुक्त रूप से टॉप किया हैं। ये दो लड़कियां हंसिका शुक्ला तथा करिश्मा अरोड़ा हैं। यक़ीनन इस प्रकार के उम्दा नंबर लाना हर छात्र का ड्रीम होता हैं। ऐसे में आज हम आपको टॉपर हंसिका शुक्ल के बारे में कुछ रोचक बाते और उनकी पढ़ाई की तकनीक के बारे में बताएँगे।

हंसिका का केवल अंग्रेजी में कटा 1 नंबर

500 में से 499 नंबर लाने वाली हंसिका शुक्ला का केवल एक नंबर अंग्रेजी के विषय में कटा हैं। इसके अतिरिक्त इतिहास, मनोविज्ञान, राजनीतिक विज्ञान और म्यूजिक में उन्हें 100 में से 100 नंबर मिले हैं। हंसिका के पिता (साकेत कुमार शुक्ला) राज्यसभा में डेप्युटी सेक्रटरी के पद पर कार्यरत हैं, हालांकि उनकी माता (मीना शुक्ला) वीएमएलजी डिग्री कॉलेज में अध्यापिका हैं। जब हंसिका से उन्हें भविष्य योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे बड़ी होकर IAS बनना चाहती हैं और साथ ही ऐसे बच्चों को पढ़ा लिखाकर बड़ा आदमी बनाना चाहती हैं जो पैसो की कमी के कारण पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं। हंसिका 12वी के बाद मनोविज्ञान की स्टडी करना चाहती हैं और इसके लिए उनकी पहली पसंद दिल्ली विश्वविद्यालय रहेगी।

ये हैं हंसिका का टॉप करने का सीक्रेट

जब एक इंटरव्यू के दौरान हंसिका से टॉप करने का सीक्रेट पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “मैं टॉप करने के विषय में कभी नहीं सोचा था। हाँ मुझे अच्छे अंक आने का पूर्ण आत्मविश्वास था। मेरा सीक्रेट बस यही हैं कि आप मेहनत करते जाए तथा टॉप करने के दबाव की बजाए अच्छे नंबर लाने का सोचे।” हंसिका आगे कहती हैं कि “मैंने परीक्षा के लिए निरन्तर पढ़ाई नहीं की हैं, बल्कि मैं एक घंटा स्टडी करती थी

तो एक घण्टा आराम भी करती थी।” हंसिका अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने अध्यापक और माता पिता को देती हैं। पढ़ाई लिखाई के अलावा हंसिका को बैडमिंटन एवं स्वीमिंग का भी शौक है। बताते चले कि दुसरे नंबर पर 3 लड़कियां संयुक्त रूप से आई हैं वही तीसरे पायदान पर कुल 18 छात्र संयुक्त रूप से हैं जिनमे 11 लड़कियां हैं।

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