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बसपा सुप्रीमो मायावती आज कानपुर में करेंगी शक्ति प्रदर्शन

कानपुर के लिए 24 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक होने वाला है. आज यानि 24 अप्रैल को कांग्रेस, सपा और बसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में विशाल रैली का आयोजन करने जा रहे है.

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तीनों ही पार्टियां रैली करके अपनी-अपनी ताकत दिखाने का काम करेंगी. बसपा सुप्रीमो मायावती कानपुर बुंदेलखंड की सबसे बड़ी रैली कानपुर में करने जा रही है. बसपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि रमईपुर की रैली एतिहासिक रैली होगी.

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी कानपुर में रैली को संबोधित करेंगे. वहीं अखिलेश यादव बसपा की रैली न जाकर कानपुर में ही एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. रैली के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात के भी मयापक इंतजाम किए गए हैं. कुछ रास्तों से ट्रैफिक को डायवर्ट भी किया गया है.

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बसपा सुप्रीमो मायावती बुधवार को रमईपुर में अकबरपुर और कानपुर नगर लोकसभा सीट के लिए संयुक्त रूप से प्रचार करेंगी। हालांकि उनका फोकस अकबरपुर प्रत्याशी पर ही अधिक रहेगा। जिस वक्त वे रमईपुर में जनसभा को संबोधित करेंगी, गठबंधन के सहयोगी सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी उसी वक्त अपने प्रत्याशी के लिए शहर में जनसभा करेंगे।

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बसपा सुप्रीमो मायावती 24 अप्रैल को कानपुर के रमईपुर में कानपुर बुंदेलखंड की सबसे बड़ी रैली करने जा रही है. इस रैली में बड़ी संख्या में कानपुर, कानपुर देहात, जालौन, हमीरपुर मिश्रिख से बड़ी संख्या में सपा और बसपा कार्यकर्ताओं के आने की उम्मीद है.

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जहां बसपा सुप्रीमो की रैली है वो क्षेत्र अकबरपुर लोकसभा सीट में आता है. मायावती रमईपुर से रैली कर के पूरे बुंदेलखंड पर निशाना साधने का काम करेंगी. मायावती की इस रैली में अखिलेश यादव शामिल नहीं होंगे. अकबरपुर लोकसभा से बसपा ने निशा सचान को प्रत्याशी बनाया है.

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अकबरपुर लोकसभा सीट में लगभग ढाई लाख कुर्मी वोटर है इसके साथ ही अनुसूचित जाति के वोटरों की संख्या लगभग साढ़े चार लाख के पास है. मायावती की रैली अकबरपुर में निशा सचान को और भी अधिक मजबूत करने का काम करेगी.

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दरअसल बुधवार को कानपुर नगर में मायावती समेत विभिन्न दलों के पांच बड़े नेता मौजूद रहेंगे। इस कारण बिना वजह किसी बड़े नेता का भाषण सुनने वाले लोग कम ही होंगे। इसके अलावा 40 डिग्री तापमान में लोगों को घर से निकालना भी चुनौतीपूर्ण होगा। इस वजह से कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि भीड़ ही गठबंधन की ताकत का प्रदर्शन करेगी।

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