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निगेटिव मार्किंग होगी बंद, सिलेबस में हुए कई बड़े बदलाव

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द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया इस वर्ष सीए सिलेबस में महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रहा है। साथ ही एग्जाम पैटर्न में भी बदलाव होगा। परीक्षा में अब 30 प्रतिशत ऑब्जेक्टिव प्रश्न तो होंगे ही साथ ही निगेविट मार्किंग भी बंद हो जाएगी।
तीस फीसदी ऑब्ज्ेक्टिव होंगे प्रश्न
सीए पियूष जैन ने बताया कि देश को बेहतर सीए देने के उद्देश्य से संस्था यह बदलाव कर रही है। मई 2019 में होने वाली परीक्षा में इंटर के पेपर नंबर 2,4,6,7 एवं फाइनल के पेपर नंबर 3,4,7,8 में अब 30 प्रतिशत ऑब्जेक्टिव और 70 प्रतिशत सब्जेक्टिव प्रश्न शामिल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस बदलाव से न केवल देश को बेहतर सीए मिलेंगे होंगे बल्कि आने वाले समय में इसके बेहतर असर भी देखने को मिलेंगे। अब तक के एग्जाम पैटर्न के मुताबिक ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या काफी कम होती थी और ज्यादातर प्रश्न सब्जेक्टिव ही होते थे। नए पैटर्न लागू होने से छात्रों को सोचने समझने के लिए समय भी मिल सकेगा और उनकी बौद्धिक क्षमता में भी वृद्धि होगी। इसके पैटर्न के अलावा आईसीएआई छात्रों की क्षमता का आंकलन भी करेगी, जिसके लिए अलग से बॉडी का गठन किया जाएगा।
निर्णय लिया गया
यह प्रक्रिया देश को बेहतर सीए देगी साथ ही साथ कई सकारात्मक बदलाव भी लाएगी। आईसीएआई ने इस बार से परीक्षा में निगेटिव मार्किंग के प्रावधान को खत्म करने का फैसला लिया है। पियूष ने बताया कि पिछले दिनों इस संबंध में बॉडी के पास कई शिकायतें पहुंची थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है।
आईपीसीसी लेवल में 30 प्रतिशत प्रश्न चार विषयों कॉर्पोरेट एंडर अदर लॉ, टैक्सेसन, ऑडिटिंग एंड इंश्योरेंस, इंटरप्राइजेस इन्फॉर्मेशन सिस्टम एंड स्ट्रैटजिक मैनेजमेंट से होंगे। जबकि फाइनल लेवल में चार विषयों एडवांस ऑडिटिंग एंड प्रोफेशनल एथिक्स, कॉर्पोरेट एंड इकोनॉनिक लॉ, डायरेक्ट टैक्स लॉ एंड इंटरनेशनल टैक्सेशन तथा इनडायरेक्ट टैक्स लॉ से ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे।

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