Breaking News

शुद्घ सोने से बनी मूर्ति का होगा निर्यात

93 Views
भारत सरकार ने 24 कैरट सोने से बनी देवी-देवताओं की मूर्ति के निर्यात नियमों में छूट दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर 22 कैरट से अधिक शुद्घता वाली सोने की मूर्तियों के निर्यात पर छूट की घोषणा की। हालांकि छूट 8 कैरट से 24 कैरट शुद्घता वाली सोने से बनी धार्मिक मूर्तियों तक ही सीमित है। अगस्त, 2017 में भारत ने 22 कैरट से अधिक शुद्घता वाले सोने से बने सामान के निर्यात पर रोक लगा दी थी। चीन सोने की मूर्तियों का बड़ा निर्यातक है। 

हाल में उसने हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों के निर्यात में भी लंबी छलांग लगाई है और अनिवासी भारतीयों के बाजार को निर्यात कर रहा है। घरेलू विनिर्माताओं का दावा है कि धार्मिक मूर्तियों के डिजाइन की तुलना में वे चीन से बेहतर स्थिति में हैं। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवद्र्घन परिषद के श्रीनिवासन कृष्णन ने कहा, ‘हम अपने देवी-देवताओं को अच्छी तरह जानते हैं और हमें उनके निर्यात की अनुमति दी जानी चाहिए।’
22 कैरट से अधिक शुद्घता वाले सोने से बने उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य निर्यात नीति का दुरुपयोग रोकना था क्योंकि उसे सोने की हेराफेरी (राउंड ट्रिपिंग) के कई मामलों का पता चला था। अलबत्ता आज जारी नोटिस में 24 कैरट सोने के बनी मूर्तियों के निर्यात को छूट दी गई है। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक चीन हर साल 500 किलो की सोने से बनी धार्मिक मूर्तियों का निर्यात करता है। पहले मूर्तियों को सोने का सामान माना जाता था और 24 कैरट सोने से बनी मूर्तियों के निर्यात की अनुमति नहीं थी। सोने के सामान के लिए अपशिष्ट मानक 0.9 फीसदी थे जिसे बढ़ाकर अब सामान्य सोने के लिए 2.5 फीसदी और जडि़त सोने की मूर्तियों के लिए 5 फीसदी कर दिया गया है। अपशिष्ट मानक बढ़ाया जाना दस्तकारी डिजाइन के लिए अच्छा है। मशीनों से बनी मूर्तियों में बहुत ज्यादा अपशिष्ट की गुंजाइश नहीं होती है। 
राउंड ट्रिपिंग पर नजर रखने के लिए मूल्यवद्र्घन मानकों को भी सख्त बनाया गया है। लेकिन उद्योग के जानकारों का कहना है कि इसका भी दुरुपयोग किया जा सकता है। सामान्य सोने से बनी धार्मिक मूर्तियों के लिए मूल्यवद्र्घन 10 फीसदी रखा गया है जबकि यह रत्नजटित मूर्तियों के लिए 14 फीसदी और हीराजडि़त मूर्तियों के लिए 15 फीसदी है। 
Tags

Related Articles

error: Content is protected !!
Close