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हनी ट्रैप में फंसा कर घाटी के युवाओं को बनाया जा रहा आतंकवादी

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कश्मीर घाटी में युवाओं को आतंकवाद की तरफ खींचने के लिए पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन अब ‘हनी ट्रैप’ का सहारा ले रहे हैं. आतंकी संगठन खूबसूरत महिलाओं के जरिए युवाओं को लुभा रहे हैं और उनको जाल में फंसा कर युवाओं का इस्तेमाल हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने या घुसपैठ करने वाले आतंकियों के लिए गाइड के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. वरिष्ठ अधिकारियों ने यह खुलासा किया है.जैश-ए मोहम्मद के लिए काम करने वाली शाजिया नामक एक महिला की गिरफ्तारी और पूछताछ में यह जानकारी सामने आयी है. 
मुलाकात का लालच देकर युवाओं को फांसती हैं 
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी पिछले कई महीनों से शाजिया द्वारा इस्तेमाल किए गए इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) अड्रेस पर नजर बनाए हुए थे. अधिकारियों ने बताया कि वह युवाओं से चैट किया करती थी और उन्हें मुलाकात का वादा कर लुभाती थी.वह युवाओं से वादा करती थी कि जो भी उसके ‘कंसाइनमेंट’ को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाएगा, उससे वह मुलाकात करेगी. 
जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करती थी शाजिया
शाजिया जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शेरवान उर्फ अली के संपर्क में आई. शेरवान ने उसका परिचय पाकिस्तानी आतंकी सुफियान और कासिम खान गौरी से कराया था. तभी से वह जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने लगी और उनके लिए हथियारों की तस्करी के साथ हनी ट्रैपिंग के जरिए युवाओं को अपने प्यादों के रूप में इस्तेमाल करने लगी थी.
एनकाउंटर के बाद मिली थी संदिग्ध महिला की जानकारी
शाजिया की गिरफ्तारी से एक हफ्ते पहले पुलिस ने आसिया नाम की महिला को लावेपोरा के बाहरी इलाके से गिरफ्तार किया था. उसके पास से पुलिस को 20 ग्रेनेड मिले थे, जिसे वह शहर में ले जा रही थी. पुलिस उस (आसिया) पर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अबु इस्माइल और छोटी कसीम के एनकाउंटर के बाद से नजर रख रही थी. इन दोनों आतंकी ने पिछले साल अमरनाथ यात्रियों पर हमला किया था, जिसमें 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. एनकाउंटर के दौरान पुलिस को कई दस्तावेज मिले थे. इन दस्तावेज में उत्तरी कश्मीर में एक महिला के जरिए हथियारों की तस्करी का जिक्र था.
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