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भारत में बिना इंजन के 160 Km/H की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ेगी ये स्वदेशी ट्रेन, सितंबर से ले सकेंगे मजा

बाबा रामदेव के स्वदेशी अभियान के बाद भारत में पहली बार एक ऐसी ट्रेन का निर्माण किया गया है जिसकी तकनीक को खुद भारत में इजाद किया गया हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत बनी ये सेमी हाई-स्पीड ट्रेन देश में सिंतबर से चल जाएगी।

सबसे खास बात ये हैं कि इस ट्रेन का नाम ट्रेन 18 रखा गया हैं। भारत में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) ने इस ट्रेन को बनाया हैं इस ट्रेन की सबसे खास बात इसकी स्पीड है ये ट्रेन 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ सकती है।
जानकारी  के मुताबिक इस लक्जरी ट्रेन को पहले जुलाई में लॉन्ज करने का सोचा गया था लेकिन अब ये ट्रेन सितंबर महीने में आपको पटरी पर दिखेगी। वहीं देरी के कारण के बारे में पूछे पर आईसीएफ चेन्नई के महाप्रबंधक सुधांशु मनी ने कहा कि कोई देरी नहीं हुई थी बल्कि जानबुझ कर ट्रेन को लाने के समय में बदलाव किया हैं। मनी ने आगे बात करते हुए कहा कि हमने ये लक्जरी ट्रेन 16 महीने के रिकॉर्ड समय में बनाई गई है, जबकि दुनिया में कहीं भी ऐसी ट्रेनों को बनाने में 2 से 3 साल आसानी से लग जाते हैं। हां हमने पहले जुलाई तक का समय लिया था, लेकिन अब इस ट्रेन का लाभ आप सितंबर में ही उठा सकते हैं।
 
इस ट्रेन की सबसे खास बात ये हैं कि इस ट्रेन 18 में किसी इंजन की जरूरत नहीं है। यह मेट्रो ट्रेन की तरह बिना इंजन के चलेगी। शताब्दी ट्रेनों के अलावा तमाम मौजूदा इंटरसिटी ट्रेनों की जगह लेगी। ट्रेन को बनाने वाली आर्इसीएफ इस तरह की 6 और ट्रेनें बनाएग, इनमें से दो में स्लीपर कोच होंगे। इस ट्रेन 18 में कुछ ऐसी सुविधाएं है जो आपने बिल्कुल मेट्रो में देखी होगी। इस ट्रेन में अभी ट्रेन के कोच आपस में जुड़े हुए हैं। जिससे कोई भी पैसेंजर एक कोच से दूसरे कोच में जा सकता हैं। इसके अलावा भी इस लक्जरी ट्रेन में काफी सुविधाएं मौजूद हैं।
 
सुविधाएं…
अपने आप बंद-खुलने वाले दरवाजे
ऑनबोर्ड वाई-फाई और इंफोटेमेंट
जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली।
bio-vacuum के साथ मॉड्यूलर शौचालय।
झटके को कम करने के लिए बेहतर केंद्र कप्लर्स।
सभी कोचो में AC chair-car की सुविधा
विंडो पर शानदार ग्लास लगाया जाएगा ताकि बाहर का नजारा बेहतर दिखे और अच्छा फील हो सके।
एग्जिक्युटिव क्लास के कोच में रोटेटिंग सीटें होंगी।
रोलर ब्लाइंड्स होंगे और दूर तक एलईडी लाइट्स होंगी।
वीलचेयर के लिए स्पेस।
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