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जजों की नियुक्तियों के लिए तेजी से काम कर मोदी सरकार

अदालतों में लंबित मामलों को घटाने और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के मामले पर CJI दीपक मिश्रा ने कहा कि सरकार जजों की नियुक्तियों के लिए काम कर रही है, ताकि हाईकोर्ट में जजों के रिक्त पदों को भरा जा सके.
उन्होंने खुद सभी हाईकोर्ट को पत्र लिखकर लंबित केसों का निपटारा करने को कहा है. सोमवार को इससे संबंधित एक याचिका का निपटारा करते हुए चीफ जस्टिस ने यह कहा. इसके बाद याचिकाकर्ता ने कोर्ट के काम के घंटे बढ़ाने और छुट्टियां कम करने की याचिका वापस ले ली. बीजेपी नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने याचिका में कहा है कि कोर्ट में गर्मियों की छुट्टियां, सर्दियों की छुट्टी, त्यौहारों की छुट्टी कम होनी चाहिए और साल में 225 दिन कोर्ट चलनी चाहिए.
इसके अलावा करोड़ों लंबित केसों को निपटाने के लिए रोजाना 6 घंटे कोर्ट चलनी चाहिए. याचिका में कहा गया है कि छुट्टियों की ये परंपरा अंग्रेजों के जमाने की है और इसे खत्म किया जाना चाहिए. इसके अलावा 2016 के आंकडों के मुताबिक देश की अदालतों में 3 करोड 11 लाख केस लंबित हैं।
इसी तरह चलता रहा तो इनको निपटाने के लिए 320 साल लगेंगे. याचिका में कहा गया है कि मौजूदा दस्तूर स्पीडी ट्रायल के मौलिक अधिकार के खिलाफ है इसलिए ये नागिरकों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है। इसके अलावा जजों की नियुक्ति करने की मांग भी की गई थी.
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