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पीरियड्स में आ रहा है बदलाव? तो ना करें इन गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज

पीरियड्स किसी भी महिला की जीवन का एक महत्वपूर्ण शारीरिक अवस्था है। हर एक महीने आने वाले पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते रहते हैं। इन बदलावों में बहुत ही तेज दर्द, चिड़चिड़ापन, जी मचलाना , बेचैनी जैसे अनुभव शामिल है। पीरियड के दौरान थोड़े बहुत दर्द होना तो नॉर्मल बात है। 
पर जब पीरियड के दौरान दर्द की समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाए तो यह बिल्कुल असामान्य स्थिति को दर्शाता है। किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा करते हुए यह हमें समय से पहले ही कई सारी बीमारियों से आगाह करवाते हैं। इसीलिए आज हम इस मुद्दे की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए हम आपको बताएंगे कि अच्छे पीरियड्स के दौरान क्या क्या नॉर्मल है और क्या ऐबनॉर्मल। जिससे कि सही समय पर सही कदम लड़कियों के द्वारा उठाए जा सके।

अनियमित पीरियड

बायोलॉजिकल तौर पर बात करें तो ऐसा कहा जाता है कि महिलाओं के अंदर हर 28 दिन के बाद पीरियड्स आना जरूरी है। अगर 28 दिन के बाद पीरियड्स नहीं आते हैं तो ऐसे में यह असामान्य स्थिति को दर्शाता है। अगर आप का पीरियड हमेशा एक निश्चित अंतराल पर आता हो और कभी-कभी उसे निश्चित इंटरवल के पहले या बाद में आ जाए तो आप अपना समय व्यर्थ ना करते हुए किसी डॉक्टर से इस मुद्दे के ऊपर सलाह जरूर लें। ऐसा कहा जाता है कि अनियमित पीरियड्स के पीछे का कारण तनाव, खानपान, और थायराइड जैसे समस्या हो सकती है।

असहनीय दर्द

अमूमन पीरियड के दौरान हर एक महिला को काफी ज्यादा दर्द सहना पड़ता है। परंतु जब यह दर्द असहनीय हो जाए तो ऐसे में यह आपको किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा करता है। असहनीय दर्द होने के पीछे की वजह एंडोमेट्रिओसिस, गर्भाशय में फाइब्रॉएड, पेल्विस में संक्रमण या फिर गर्भाशय में सिकुड़न जैसी समस्या हो सकती हैं।

बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना

ऐसा कहा जाता है कि पीरियड्स के शुरुआती 2 दिनों में ब्लीडिंग होना सामान्य बात है। परंतु जब ब्लीडिंग काफी ज्यादा होने लगे तो यह एक गंभीर समस्या है। काफी ज्यादा ब्लीडिंग होने के पीछे की वजह गर्भाशय में गांठ, पेल्विस में सूजन, गर्भाशय के कैंसर इत्यादि समस्याएं हो सकती हैं।

बहुत कम ब्लीडिंग होना

जहां एक और बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना भी एक समस्या है वहीं दूसरी ओर बहुत कम ब्लीडिंग होना भी एक गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। आपको बता दें कि अगर आपके शरीर में पीरियड्स के दौरान बहुत कम ब्लीडिंग होती है तो ऐसे में आपके शरीर में पोषक तत्व बहुत ही कम मात्रा में मौजूद है।

पीरियड के बीच में ब्लीडिंग

आमतौर पर पीरियड के बीच में बिल्डिंग की समस्या नहीं हुआ करती है बावजूद इसके अगर आपको पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग की समस्या हो रही है। तो ऐसे में यह आपके लिए काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। पीरियड्स के बीच में होने वाली बिल्डिंग की समस्या को स्पॉटिंग भी कहा जाता है। अगर आपके साथ ऐसी समस्या हो रही है तो आप जल्द से जल्द किसी डॉक्टर से संपर्क करें।

अत्यधिक क्लॉटिंग

पीरियड्स के दौरान थोड़ी-बहुत क्लॉटिंग होना सामान्य बात है परंतु अगर क्लॉटिंग बहुत ज्यादा हो जाए तो यह आपके लिए बहुत ही गंभीर समस्या हो सकती है। आपको बता दें कि इसके पीछे की वजह ओवेरियन सिंड्रोम , थायराइड जैसी खून से जुड़ी समस्या हो सकती है।

पीरियड्स ना आना

कई बार महिलाओं के पीरियड ही नहीं आते जिसकी वजह से महिलाओं को काफी ज्यादा चिंता होने लगती है। परंतु आपको बता दें कि अगर आप प्रेग्नेंट है तभी आपके पीरियड्स नहीं आ रहे होंगे। अगर आप प्रेग्नेंट भी नहीं है और आपके पीरियड्स भी नही आ रहे हो तो यह बेहद ही गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। जितनी जल्दी हो सके आप किसी डॉक्टर से इस मुद्दे को लेकर परामर्श जरूर करें।
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