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ठग को बचाने में जुटा पीएम मोदी का सांसद, आडियो वायरल होते ही खुली पोल

बस्ती। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने की बात बार-बार कहते हैं। लेकिन भाजपा सांसद और उनके भाई उनके इन मंसूबों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। बस्ती के बीजेपी सांसद हरीश द्विवेदी के भाई सुभाष दूबे ने पीडित दिवाकर सोनकर को फोन कर मामले को मैनेज करने की चेतावनी दे डाली। पीडित और बीजेपी सांसद के भाई सुभाष दूबे के बीच हुए बातचीत का आडियों देर रात मे वायरल होते ही भाजपाई नेताओं और अधिकारियों मे हडकम्प मच गया। फिर हरकत मे आई पुलिस जालसाज मुन्ना भाई विनय तिवारी, विेवेक तिवारी के विरूद्व मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी विनय तिवारी को जेल भेज दिया। भाजपाई नेताओं का आरोपी को बचाने का प्रयास काम नही आया।

भाजपा सांसद के भाई ने पीडित को फोन पर दी धमकी

बता दें कि कोतवाली थाना क्षेत्र के महरीखांवा, पाण्डेय पोखरा निवासी विनय तिवारी पुत्र योगेश तिवाारी करीब दो दर्जन से अधिक लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर तीन करोड से अधिक रुपए वसूल लिया। नौकरी न तो किसी को मिलनी थी और न ही मिली। महीनों से नौकरी की अभिलाषा पाले लोग विनय तिवारी के घर लगाते रहे। लेकिन मामला शून्य ही रहा।
उसी बीच दिवाकर सोनकर पुत्र श्रीराम प्रसाद सोनकर निवासी ओरीजोत थाना कोतवाली ने विनय तिवारी से तीन लाख रुपए मे उसकी कार खरीद लिया। उसकी लिखा-पढी भी हो गयी। फिर दो दिन बाद विनय तिवारी उस वाहन को दिवाकर के घर बिना कुछ बताये ही लेकर चला गया। कार मे शादी के लिए किसी का एक लाख रुपए भी रखा था। दिवाकर सोनकर ने इस प्रकरण मे 12 मई 2018 को विनय तिवारी के विरूद्व 406 आईपीसी का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसकी विवेचना महिला एसआई मीरा चैहान द्वारा किया जा रहा है। 

रात में ही वायरल हुआ ऑडियो

5 जून को विनय तिवारी जिसकी तलाश और लोगों को थी वह शहर के हनुमान गढी पर दिख गया। जिसे पकडकर दिवाकर सोनकर कोतवाली ले गया। फिर देखते ही देखते करीब दो दर्जन लोग कोतवाली मे एकत्रित हो गये और प्रार्थना पत्र देकर विनय तिवारी और उसके भाई विवेक तिवारी जो सेल्स टेक्स विभाग मे अधिकारी के विरूद्व मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजने की मांग करने लगे। इधर आरोपी को बचाने के लिए सांसद हरीश द्विवेदी व उनके भाई सुभाष दूबे अपनी कमर कस लिए। एक तथा कथित टीवी चैनल के पत्रकार व सांसद के भाई सुभाष दूबे ने साथ मिलकर पीडित दिवाकर सोनकर को मंगलवार की रात मे फोन किया।
दिवाकर और भाजपा सांसद के भाई सुभाष दूबे के बीच हुई बातचीत का ऑडियो रात ही मे वायरल हो गया। सूत्र बताते हैं कि देर रात मे आरोपी विनय तिवारी को सांसद के दबाव मे पुलिस ने छोड दिया था। आडियों वायरल होते ही जिले मे हडकम्प मच गया और आनन-फनन मे कोतवाली पुलिस ने विनय तिवारी को फिर हिरासत मे ले लिया और विभिन्न धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया। ऐसे ही कुछ भाजपाई व तथाकथित पत्रकार हैं जो अपराधियों को बचाने के लिए बडा ठीका तक ले तेले हैं। बहरहाल मामले को लेकर जनपद मे चर्चा का विषय बना हुआ है।
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