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पीएम मोदी के लिए मुसीबत बने उनके ही सांसद, अब तक चार सांसद हुए खिलाफ

नई दिल्ली। आने वाले लोकसभा के चुनाव बीजेपी के लिए मुश्किल होता जा रहे हैं। विपक्ष तो उनके सामने दिवार बनकर खड़ा ही है अब उनके अपने ही मुसीबत बन रहे हैं। एक के बाद एक दलित अपने ही सरकार के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर रहा है। उदित राज, सावित्री फुले, छोटे लाल के बाद अब डॉ यशवंत सिंह ने पीएम को पत्र लिख कर नाराजगी जताई है। अपनी चिट्ठी में यशवंत सिंह ने दलितों के लिए आवाज उठाई है। उनका आरोप है कि पिछले 4 साल में सरकार ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया। उनका कहना है कि प्रमोशन में आरक्षण, बैक लॉग पूरा करना और निजी क्षेत्र में आरक्षण पर कुछ नहीं किया है।

सांसद ने लिखा कि मैं दलित समाज के जाटव समाज का एक सांसद हूं। आरक्षण के कारण ही मैं सांसद बन पाया हूं… जब मैं चुनकर आया था उसी समय मैंने स्वयं आपसे मिलकर प्रमोशन में आरक्षण हेतु बिल पास करवाने का अनुरोध किया था। समाज के विभिन्न संगठन दिन-रात इस तरह के अनुरोध करते हैं, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी इस देश के करीब 30 करोड़ दलितों के हित के लिए आपकी सरकार ने एक भी काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट में हमारा कोई प्रतिनिधि नहीं इसलिए आये दन कोर्ट हमारे विरुद्ध निर्णय लेकर हमारे अधिकार ख़त्म कर रहा है। देश कि करीब 70 प्रतिशत संपत्ति देश के एक प्रतिशत लोगों के पास जिन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है। वहीँ देश की 25 प्रतिशत आबादी के पास आधी संपत्ति भी नहीं है।
सब संसद में चुनकर आये थे तब आपका बयान सुना था जिसमे अपने कहा था कि दलितों,गरीबों वंचितों की सरकार है तब दिल खुश हो गया था। उम्मीद थी कि आप आरक्षण का बिल पास कराएँगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। आज हमारे लोग प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं। कृपया दलित समाज के हितों का विशेष ध्यान रखते हुए आरक्षण बिल पास कराएं। बैकलॉग की भर्तियां निकलवाएं, उन्हें भरवाएं और प्राइवेट नौकरियों में भी आरक्षण लागू कराए तथा एससी/एसटी एक्ट में कोर्ट के फैसले के खिलाफ पैरवी करके इस निर्णय को पलटवाएं।

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